हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

Rose Day Special Love Poem: बिन कांटों के गुलाब हैं...



बिन कांटों के गुलाब हैं,
लब उसके लाजवाब हैं.



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