my tukbandi

हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

Propose Day Special Hindi Love Poem: नज़र तो पड़ते ही चेहरे पर फिसल गई...



झूठ कहते हैं वो कि नज़र उनसें मिल गई,

अरे नज़र तो पड़ते ही चेहरे पर फिसल गई.


मासूम चेहरा, मादक नयन, मोहक मुस्कान,

सच कहते हैं हमारी तो जान निकल गई.


मदहोश हुआ दिल और लड़खड़ाती धड़कनें,

उनके दिल में दस्तक देने को मचल गई,


हमारे प्रेम-प्रस्ताव पर वो खामोश हो गए,

मगर धीरे-धीरे चुप्पी की रात ढल गई.


बातों-बातों में वो कदम मेरे साथ हो लिए,

उनकी एक हां से ऐ राजू! ज़िंदगी बदल गई.

दोस्तों! अगर कविता पसंद आई हो तो 'my tukbandi' को facebook पर like जरूर कीजियेगा: