my tukbandi

हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

My Crazy Poem: Exam नेड़ा आबा लाग्या...



Exam नेड़ा आबा लाग्या,
सब छोरा दुःख पाबा लाग्या.

एक अक्षर प’ढ कोनी,
पढाई का गीत गाबा लाग्या.

एक दूसरा का कमरा म,
ले ले कीताबां जाबा लाग्या.

एड़ी strategy बणाई है,
कम सोबा, कम खाबा लाग्या.

Depression म आर कुछ तो,
मंदिरां म भी जाबा लाग्या.

दिन म क’र पढाई रो नाटक,
Night pack कराबा लाग्या.

चाय की चुस्की चालू कर दी,
Evening walk पर जाबा लाग्या.

लाग्यो सोच career को राजू!
आपां भी अब पढबा लाग्या.

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