my tukbandi

हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

Hindi Poem: अभी मस्त चांदनी है...



तन्हाइयों का दौर है,
खामोशियों का शोर है.

इम्तिहान चल रहे हैं,
पढाई पर जोर है.

तेरा वहम जायज है,
मेरे मन में चोर है.

मां की दुआएं साथ हैं,
उजाला चारों ओर है.

राजू डगर प्रेम की,
ना ओर है, ना छोर है.

अभी मस्त चांदनी है,
फिर सुहानी भोर है.

प्यार से पेश आइएगा,
चौधरी साब कठोर है.


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