my tukbandi

हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

A Speaking Poem † एक बोलती हुई कविता...



आसमान के कैनवास पर,
कुछ चित्र बनाए हैं,
बादलों ने.
कुछ श्वेत-श्याम चित्र,
रूप बदलते,
चलते फिरते चित्र.

जी करता है मैं भी लिख दूं,
इस अनन्त आसमान पर,
इन्हीं तस्वीरों के बीच,
एक कविता,
हां... एक कविता,
एक बोलती हुई कविता.


-Rajendra Nehra



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