my tukbandi

हम स्वर्णिम पन्नों पर लिखा नहीं करते, हम लिखकर पन्नों को स्वर्णिम बना दिया करते हैं।

A little about 'my tukbandi’


‘my tukbandi’ का उद्भव तब हुआ जब मैंने अपनी कविताओं के प्रकाशन के बारे में सोचा. और आप सभी जानते हैं कि आज के इस डिजिटल युग में प्रकाशन का सबसे बड़ा माध्यम है- अंतर्जाल, यानि कि Internet. अतः स्वाभाविक है मैंने भी Internet को अपना साथी बनाया और अपने Blog की शुरुआत की, जिसका नाम मैंने ‘my tukbandi’ रखा. धीरे धीरे मेरी कविताओं में निखार आता गया और ‘my tukbandi’ को लोकप्रियता मिलती गई.


अतः मैंने अपने जैसे बहुत से रचनाकारों को ध्यान में रखते हुए Medium पर इसी नाम से एक प्रकाशन की शुरूआत की जो आज आपके सामने है.


मुझे उम्मीद है बहुत से प्रतिभावान लेखक इस प्रकाशन के माध्यम से हिंदी कविता के क्षेत्र में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे.


प्रकाशन से जुड़ने के लिए यहां Submission Guidelines पढ़ें. धन्यवाद.


आपकी रचनाओं की प्रतीक्षा में...





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